
लौंग
Lavanga
Syzygium aromaticum
रस (स्वाद)
विपाक (पाचन के बाद)
कटु (तीखा)
गुण (विशेषताएं)
लघु (हल्का), स्निग्ध (तैलीय)
विवरण लौंग
तीखे स्वाद के साथ लौंग का अनूठा ठंडा प्रभाव इसे आयुर्वेद में विशेष बनाता है। यह एक शक्तिशाली रोगाणुरोधी और दर्द निवारक है, विशेष रूप से दंत समस्याओं के लिए।
आयुर्वेदिक गुण
रस (स्वाद)
वीर्य (शक्ति)
उष्ण (गर्म)
विपाक (पाचन के बाद)
कटु (तीखा)
गुण (विशेषताएं)
लघु (हल्का), स्निग्ध (तैलीय)
दोषों पर प्रभाव
💨
Vata
संतुलित करता है
🔥
Pitta
संतुलित करता है
🌱
Kapha
संतुलित करता है
🍳 पाक कला में उपयोग
- • गरम मसाला और मसाले का मिश्रण
- • बिरयानी और पुलाव
- • चाय
- • अचार का मसाला
- • मीठे व्यंजन और डेसर्ट
- • माउथ फ्रेशनर
💊 औषधीय उपयोग और स्वास्थ्य लाभ
- ✓दांत दर्द और दंत दर्द से राहत देता है
- ✓शक्तिशाली रोगाणुरोधी
- ✓सांसों को तरोताजा करता है
- ✓पाचन में सुधार करता है
- ✓मतली को कम करता है
- ✓श्वसन स्वास्थ्य का समर्थन करता है
- ✓सूजन-रोधी
- ✓कामोद्दीपक गुण
चयन और भंडारण
कैसे चुनें
अखंड सिर के साथ मोटी, साबुत लौंग चुनें। छूने में तैलीय होना चाहिए और तेज सुगंध होनी चाहिए। ताजी लौंग पानी में सीधी तैरेंगी।
कैसे स्टोर करें
साबुत लौंग 2-3 साल तक शक्तिशाली रहती हैं। पिसी हुई लौंग आवश्यक तेलों को जल्दी खो देती हैं। प्रकाश से दूर एयरटाइट ग्लास कंटेनर में स्टोर करें।
🤝 इसके साथ अच्छा लगता है
पारंपरिक मिश्रण
- • गरम मसाला
- • चाय मसाला
- • बिरयानी मसाला
- • पंच फोरन
दोष संबंधी सिफारिशें
अच्छा - गर्म और ग्राउंडिंग
अच्छा - अद्वितीय शांत प्रभाव
अच्छा - उत्तेजक और सफाई