
सौंफ के बीज
Shatapushpa, Madhurika
Foeniculum vulgare
रस (स्वाद)
विपाक (पाचन के बाद)
मधुर (मीठा)
गुण (विशेषताएं)
लघु (हल्का)
विवरण सौंफ के बीज
मीठी और ठंडी सौंफ वास्तव में त्रिदोषिक है, जो इसे सभी शरीर प्रकारों के लिए सुरक्षित बनाती है। यह एक कोमल पाचक सहायता और माउथ फ्रेशनर है, पारंपरिक रूप से भोजन के बाद चबाया जाता है।
आयुर्वेदिक गुण
रस (स्वाद)
वीर्य (शक्ति)
शीत (ठंडा)
विपाक (पाचन के बाद)
मधुर (मीठा)
गुण (विशेषताएं)
लघु (हल्का)
दोषों पर प्रभाव
💨
Vata
संतुलित करता है
🔥
Pitta
मजबूती से संतुलित करता है
🌱
Kapha
संतुलित करता है
🍳 पाक कला में उपयोग
- • भोजन के बाद माउथ फ्रेशनर (मुखवास)
- • पाचन के लिए सौंफ की चाय
- • पंच फोरन मसाला मिश्रण
- • ब्रेड और कुकीज़
- • सब्जी के व्यंजन
- • अचार
💊 औषधीय उपयोग और स्वास्थ्य लाभ
- ✓बिना गर्म किए पाचन में सुधार करता है
- ✓गैस और सूजन को कम करता है
- ✓सांसों को तरोताजा करता है
- ✓पित्त दोष को ठंडा करता है
- ✓स्तनपान का समर्थन करता है
- ✓आंतों की सूजन को शांत करता है
- ✓स्वाद और भूख में सुधार करता है
- ✓मूत्र पथ के स्वास्थ्य का समर्थन करता है
चयन और भंडारण
कैसे चुनें
मीठी सुगंध के साथ मोटे, हरे बीज चुनें। मलिनकिरण या टूटे हुए बीजों से बचें। ताजे बीजों में नद्यपान जैसी सुगंध होनी चाहिए।
कैसे स्टोर करें
साबुत बीज एयरटाइट कंटेनर में 2-3 साल तक चलते हैं। पिसी हुई सौंफ 6 महीने में स्वाद खो देती है। गर्मी और नमी से दूर स्टोर करें।
🤝 इसके साथ अच्छा लगता है
पारंपरिक मिश्रण
- • पंच फोरन
- • चाट मसाला
- • मुखवास
दोष संबंधी सिफारिशें
अच्छा - लेकिन जीरा से कम गर्म
उत्कृष्ट - ठंडा और सुखदायक
अच्छा - हल्का और उत्तेजक