
नाश्ता खिचड़ी
पारंपरिक खिचड़ी का एक मीठा और पौष्टिक रूप, संतुलित पोषण और आसान पाचन के साथ अपने दिन की शुरुआत के लिए बिल्कुल सही।
इस व्यंजन के बारे में
🥄सामग्री
- 1/2 कप पीली मूंग दाल (छिलकी मूंग)अच्छी तरह धोएं
- 1/2 कप सफेद बासमती चावलअच्छी तरह धोएं
- 4 कप पानी
- 1 बड़ा चम्मच घी
- 1 टुकड़ा दालचीनी की छड़ी
- 3 टुकड़े इलायची की फलीहल्के से कुचली हुई
- 1 छोटा चम्मच ताजा अदरककसा हुआ
- 3-4 टुकड़े खजूरकटा हुआ
- 2 बड़े चम्मच कसा हुआ नारियलबिना चीनी का
- 1-2 छोटे चम्मच कच्चा शहदवैकल्पिक, पकाने के बाद डालें
- 1 चुटकी चुटकी भर नमक
👩🍳निर्देश
मूंग दाल और चावल को एक साथ तब तक धोएं जब तक पानी साफ न हो जाए।
एक मध्यम बर्तन में मध्यम आंच पर घी गर्म करें। दालचीनी की छड़ी, इलायची की फली और कसा हुआ अदरक डालें। 1-2 मिनट तक खुशबू आने तक भूनें।
धुली हुई दाल और चावल को बर्तन में डालें, मसालेदार घी के साथ मिलाएं।
4 कप पानी डालें, कटे हुए खजूर डालें और उबाल लें।
आंच धीमी करें, ढक दें और 25-30 मिनट तक बीच-बीच में हिलाते हुए पकाएं। मिश्रण को नर्म, दलिया जैसी स्थिरता होनी चाहिए।
आखिरी 5 मिनट में कसा हुआ नारियल और चुटकी भर नमक मिलाएं।
आंच से उतारें। यदि शहद का उपयोग कर रहे हैं, तो इसे खिचड़ी के थोड़ा ठंडा होने पर डालें (आयुर्वेदिक सिद्धांतों के अनुसार शहद को कभी भी 108°F/42°C से ऊपर गर्म न करें)।
कटोरों में गर्म परोसें। स्थिरता दलिया जैसी होनी चाहिए—यदि आवश्यक हो तो अधिक गर्म पानी के साथ समायोजित करें।
🌿 स्वास्थ्य लाभ
- ✓पचाने में आसान, कमजोर पाचन अग्नि के लिए बिल्कुल सही
- ✓पूरी सुबह निरंतर ऊर्जा प्रदान करता है
- ✓तीनों दोषों के लिए संतुलनकारी
- ✓विषहरण और शुद्धिकरण में सहायक
- ✓सभी सात धातुओं को पोषित करता है
- ✓पाचन तंत्र पर कोमल
- ✓बीमारी के बाद या कुपोषण के दौरान उपयुक्त
🔄 परिवर्तन आज़माएं
- वात: अतिरिक्त घी, गर्म दूध और मीठे मसाले डालें
- पित्त: अदरक कम करें, सौंफ के बीज डालें, घी की जगह नारियल तेल का उपयोग करें
- कफ: मिठास कम करें या हटाएं, अदरक बढ़ाएं, कम घी का उपयोग करें
आयुर्वेदिक प्रोफ़ाइल
दोष प्रभाव
शांत करता है (ग्राउंडिंग, पौष्टिक, गर्म)
शांत करता है (ठंडे मसाले जोड़े जा सकते हैं)
तटस्थ से थोड़ा बढ़ाने वाला (मिठास कम करें)