चना दाल (स्प्लिट चिकपी करी)
चना दाल से बनी एक प्रोटीन युक्त, फाइबर से भरपूर करी। प्रकृति में ठंडी, विशेष रूप से पित्त और कफ दोषों को संतुलित करती है।
इस व्यंजन के बारे में
🥄सामग्री
- 1 कप चना दाल2+ घंटे भिगोई हुई
- 2 बड़े चम्मच घी या तेल
- 1 चम्मच जीरा
- 1/4 चम्मच हींगपाचन में मदद करता है
- 1 मध्यम प्याजकटा हुआ
- 2 मध्यम टमाटरकटा हुआ
- 1 बड़ा चम्मच ताजा अदरककसा हुआ
- 3 कलियां लहसुनबारीक कटा हुआ, वैकल्पिक
- 1/2 चम्मच हल्दी पाउडर
- 1 चम्मच धनिया पाउडर
- 1/2 चम्मच जीरा पाउडर
- 1/2 चम्मच गरम मसाला
- 1 पूरी हरी मिर्चचीरा लगा हुआ, वैकल्पिक
- 1 चम्मच नमकस्वादानुसार
- 3 कप पानी
- 2 बड़े चम्मच ताजा हरा धनियाकटा हुआ
- 1 बड़ा चम्मच नींबू का रसताजा
👩🍳निर्देश
चना दाल को कम से कम 2 घंटे (अधिमानतः 4+ घंटे) के लिए पानी में भिगोएँ। इससे पाचन में सुधार होता है और गैस कम होती है। पानी निकाल दें।
प्रेशर कुकर या बर्तन में घी गर्म करें। जीरा और हींग डालें। उन्हें चटकने दें।
प्याज डालें और पारभासी होने तक लगभग 5 मिनट तक भूनें।
अदरक, लहसुन (यदि उपयोग कर रहे हों) और हरी मिर्च डालें। 1-2 मिनट तक भूनें।
टमाटर, हल्दी, धनिया पाउडर, जीरा पाउडर और नमक डालें। टमाटर के नरम होने तक लगभग 5 मिनट तक पकाएं।
भीगी हुई और छानी हुई चना दाल डालें। मसालों के साथ अच्छी तरह मिलाएँ।
3 कप पानी डालें। यदि प्रेशर कुकर का उपयोग कर रहे हैं, तो 3-4 सीटी (लगभग 15 मिनट) तक पकाएं। यदि बर्तन का उपयोग कर रहे हैं, तो उबाल लें, फिर ढककर 35-40 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं जब तक कि दाल नरम न हो जाए लेकिन घुले नहीं।
पकने के बाद, गाढ़ापन जांचें। दाल गाढ़ी लेकिन बहने वाली होनी चाहिए। यदि बहुत गाढ़ी हो तो और पानी डालें। यदि चाहें तो चम्मच के पिछले हिस्से से थोड़ा सा मैश करें।
गरम मसाला और नींबू का रस डालें। अच्छी तरह मिलाएँ।
ताजा हरा धनिया से गार्निश करें। गरमागरम परोसें।
🌿 स्वास्थ्य लाभ
- ✓प्रोटीन और फाइबर में उच्च
- ✓पाचन और आंत के स्वास्थ्य का समर्थन करता है
- ✓वजन और रक्त शर्करा के प्रबंधन में मदद करता है
- ✓B विटामिन, आयरन और फोलेट से भरपूर
- ✓नियमित मल त्याग को बढ़ावा देता है
- ✓कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स
- ✓सूजन कम करता है
- ✓हृदय स्वास्थ्य का समर्थन करता है
🔄 परिवर्तन आज़माएं
- वात: अतिरिक्त घी डालें, नरम होने तक पकाएँ, अदरक बढ़ाएँ
- पित्त: अदरक और मिर्च कम करें
- कफ: कम तेल का उपयोग करें, अदरक और काली मिर्च जैसे गर्म मसाले बढ़ाएँ
- नोट: वात वाले लोगों को चना दाल से गैस हो सकती है; यदि आवश्यक हो तो मूंग दाल का उपयोग करें
- पालक, कद्दू या लौकी जैसी सब्जियां डालें
- अंत में घी, जीरा और सूखी लाल मिर्च का तड़का लगाएं
आयुर्वेदिक प्रोफ़ाइल
दोष प्रभाव
थोड़ा बढ़ाता है (सूखी प्रकृति वात बढ़ा सकती है, अच्छी तरह भिगोएं और घी डालें)
शांत करता है (प्रकृति में शीतल)
कम करता है (अनाज मुक्त, फाइबर से भरपूर, उच्च प्रोटीन)