
क्लासिक त्रिदोषिक खिचड़ी
आयुर्वेदिक खाना पकाने का आधार—एक पूर्ण रूप से संतुलित, एक बर्तन वाला भोजन जो पोषण, विषहरण और उपचार करता है। सभी दोषों और सभी मौसमों के लिए उपयुक्त।
इस व्यंजन के बारे में
🥄सामग्री
- 1 कप पीली मूंग दाल (छिलकी मूंग)अच्छी तरह धोया हुआ
- 1 कप सफेद बासमती चावलअच्छी तरह धोया हुआ
- 2 बड़े चम्मच घी
- 1 छोटा चम्मच जीरा
- 1/2 छोटा चम्मच राईकफ के लिए वैकल्पिक
- 1 बड़ा चम्मच ताजा अदरककसा या कटा हुआ
- 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
- 1 छोटा चम्मच पिसा हुआ धनिया
- 1/2 छोटा चम्मच पिसा हुआ जीरा
- 1/2 छोटा चम्मच सौंफ के बीजकुचले हुए
- 1/4 छोटा चम्मच हींगवैकल्पिक
- 1/4 कप ताजा हरा धनियाकटा हुआ, सजावट के लिए
- 5-6 कप पानी
- 1 छोटा चम्मच समुद्री नमक या सेंधा नमकया स्वादानुसार
- 1 बड़ा चम्मच ताजा नींबू का रसवैकल्पिक, परोसने के लिए
👩🍳निर्देश
मूंग दाल और चावल को एक बारीक छलनी में तब तक धोएं जब तक पानी साफ न हो जाए। इससे अतिरिक्त स्टार्च निकल जाता है।
एक बड़े बर्तन में मध्यम आंच पर घी गर्म करें। जीरा और राई (यदि उपयोग कर रहे हैं) डालें। उन्हें 30 सेकंड तक खुशबू आने तक चटकने दें।
कसा हुआ अदरक डालें और 30 सेकंड और भूनें।
हल्दी, पिसा हुआ धनिया, पिसा हुआ जीरा, सौंफ के बीज और हींग डालें। मसालों को भूनने के लिए 30 सेकंड हिलाएं।
धुली हुई दाल और चावल डालें, मसालेदार घी के मिश्रण के साथ लपेटें।
5-6 कप पानी डालें (गाढ़ी खिचड़ी के लिए 5 कप, पतली के लिए 6 कप)। नमक डालें।
उबाल लें, फिर आंच धीमी करें। ढक दें और 30-35 मिनट तक बीच-बीच में हिलाते हुए पकाएं।
खिचड़ी तब तैयार होती है जब दाल और चावल दोनों पूरी तरह से नर्म हों और दलिया जैसी स्थिरता में मिल जाएं। यदि आवश्यक हो तो और पानी डालें।
आंच बंद करें। स्वाद लें और नमक समायोजित करें। ताजा हरा धनिया से सजाएं।
नींबू के रस की एक निचोड़ और यदि चाहें तो घी की अतिरिक्त धार के साथ गर्म परोसें।
🌿 स्वास्थ्य लाभ
- ✓मोनो-डाइट क्लींज और विषहरण के लिए बिल्कुल सही
- ✓स्वस्थ पाचन का समर्थन करता है और अग्नि को मजबूत करता है
- ✓तीनों दोषों को एक साथ संतुलित करता है
- ✓पूर्ण प्रोटीन (चावल + मूंग दाल)
- ✓गहराई से पोषण करने वाला फिर भी शुद्ध करने वाला
- ✓प्रतिरक्षा और ओजस का निर्माण करता है
- ✓बीमारी से उबरने के लिए आदर्श
- ✓सूजन कम करता है
- ✓तंत्रिका तंत्र को शांत करता है
💡 शेफ की युक्तियाँ
- •अनुपात आमतौर पर दाल और चावल के लिए 1:1 होता है, लेकिन समायोजित किया जा सकता है
- •स्थिरता गाढ़े दलिया जैसी होनी चाहिए, अलग-अलग दाने नहीं
- •मिठास के लिए शहद जोड़ते समय कभी न गर्म करें (ठंडा होने के बाद डालें)
- •ताजा मसाले स्वाद और उपचार गुणों में महत्वपूर्ण अंतर लाते हैं
- •इंस्टेंट पॉट में बनाया जा सकता है: उच्च दबाव पर 10 मिनट, प्राकृतिक रिलीज
🔄 परिवर्तन आज़माएं
- वात: मीठी जड़ वाली सब्जियां (गाजर, शकरकंद) डालें, अतिरिक्त घी, अधिक अदरक और गर्म मसाले
- पित्त: ठंडी सब्जियां (तोरी, पत्तेदार साग) डालें, हरा धनिया और धनिया बढ़ाएं, अदरक कम करें, नारियल डालें
- कफ: घी और चावल की मात्रा कम करें, राई और काली मिर्च बढ़ाएं, पत्तेदार साग डालें, सूखा और तीखा बनाएं
आयुर्वेदिक प्रोफ़ाइल
दोष प्रभाव
शांत करता है (ग्राउंडिंग, गर्म, स्निग्ध)
शांत करता है (ठंडे मसाले, अधिक गर्म नहीं)
तटस्थ (कम करने के लिए संशोधित किया जा सकता है)