दही चावल (तधिर सदम)
एक ठंडा, प्रोबायोटिक युक्त दक्षिण भारतीय आरामदायक भोजन। पित्त दोष को शांत करने के लिए असाधारण रूप से अच्छा।
इस व्यंजन के बारे में
🥄सामग्री
- 1 कप बासमती चावलपके हुए और थोड़े गर्म
- 1 कप ताजा दहीकमरे के तापमान पर, खट्टा नहीं
- 1/4 कप दूधकमरे के तापमान पर, वैकल्पिक
- 1/2 चम्मच नमकस्वादानुसार
- 1 बड़ा चम्मच घीतड़के के लिए
- 1/2 चम्मच राई
- 1/2 चम्मच उड़द दाल
- 8-10 पत्ते करी पत्ताताजा
- 1 पूरी सूखी लाल मिर्चतोड़ी हुई, वैकल्पिक
- एक चुटकी हींग
- 1/2 चम्मच ताजा अदरकबारीक कसा हुआ
- 1 छोटा हरी मिर्चबारीक कटा हुआ, वैकल्पिक
- 2 बड़े चम्मच ताजा हरा धनियाकटा हुआ
- 1/4 कप खीराबारीक कटा हुआ, वैकल्पिक
- 2 बड़े चम्मच अनार के दानेवैकल्पिक गार्निश
👩🍳निर्देश
चावल को नरम और हल्का मैश होने तक पकाएं (सामान्य से अधिक पानी)। इसे गर्म तापमान पर ठंडा होने दें, बहुत गर्म नहीं।
एक कटोरे में ताजे दही को चिकना होने तक फेंटें। क्रीमी कंसिस्टेंसी के लिए दूध डालें (यदि उपयोग कर रहे हों)।
दही में नमक मिलाएं और अच्छी तरह मिलाएं।
दही में गुनगुना (गर्म नहीं) चावल डालें। चावल के कोट होने तक अच्छी तरह मिलाएँ। मिश्रण क्रीमी और बहने वाला होना चाहिए। यदि बहुत गाढ़ा हो तो और दही या दूध डालें।
तड़का तैयार करें: एक छोटे पैन में घी गर्म करें। राई डालें और चटकने दें।
उड़द दाल डालें और सुनहरा होने तक भूनें। करी पत्ता, सूखी लाल मिर्च और हींग डालें। कुछ सेकंड बाद आंच बंद कर दें।
दही चावल के मिश्रण पर तड़का डालें। धीरे से मिलाएँ।
अदरक, हरी मिर्च (यदि उपयोग कर रहे हों), खीरा और हरा धनिया डालें। अच्छी तरह मिलाएँ।
स्वादों को घुलने-मिलने के लिए इसे 5-10 मिनट तक रहने दें। कमरे के तापमान पर या थोड़ा ठंडा (लेकिन फ्रिज जैसा ठंडा नहीं) परोसें।
अनार के दानों (यदि उपयोग कर रहे हों) से गार्निश करें। तुरंत परोसें।
🌿 स्वास्थ्य लाभ
- ✓अतिरिक्त पित्त और शरीर की गर्मी को ठंडा करता है
- ✓प्रोबायोटिक युक्त होने के कारण आंत के स्वास्थ्य का समर्थन करता है
- ✓पाचन सूजन और एसिडिटी को शांत करता है
- ✓सीने में जलन और पेट के अतिरिक्त एसिड में मदद करता है
- ✓ताजे दही के साथ बनाने पर पचाने में आसान
- ✓गर्मी के मौसम में हाइड्रेटिंग और ठंडा
- ✓चावल सात्विक और पौष्टिक है
- ✓चिड़चिड़े पाचन तंत्र को शांत करता है
🔄 परिवर्तन आज़माएं
- वात: गरमागरम परोसें, अतिरिक्त अदरक डालें, ताजे (खट्टे नहीं) दही का उपयोग करें
- पित्त: वैसे ही रहने दें, खीरा बढ़ाएँ, मिर्च कम करें या न डालें
- कफ: नियमित रूप से सलाह नहीं दी जाती है, यदि खा रहे हैं तो कम वसा वाले दही का उपयोग करें और गर्म मसाले बढ़ाएँ
- मिठास के लिए कसी हुई गाजर या अंगूर डालें
- प्रोटीन के लिए पकी हुई मूंग दाल डालें
- आम या अनार जैसे मौसमी फलों को मिलाएं
आयुर्वेदिक प्रोफ़ाइल
दोष प्रभाव
शांत करता है (चावल स्थिर करने वाला है, ताजा दही वात को स्थिर करता है)
अत्यधिक शांत करता है (ठंडा दही प्राकृतिक अग्नि शामक की तरह कार्य करता है)
बढ़ाता है (ठंडा और भारी, कम मात्रा में सेवन करें)