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गोल्डन मिल्क (हल्दी वाला दूध)
⚖️त्रिदोषिक
🌸वसंतबहुत आसान

गोल्डन मिल्क (हल्दी वाला दूध)

हल्दी को गर्म मसालों और दूध के साथ मिलाकर बनाया गया एक पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचारात्मक पेय—आराम, प्रतिरक्षा और गहरी नींद के लिए बिल्कुल सही।

समय15 मिनट
परोसें1
स्वस्थ100%

इस व्यंजन के बारे में

गोल्डन मिल्क, जिसे हल्दी दूध भी कहा जाता है, आयुर्वेद में चिकित्सीय उपयोग के लंबे इतिहास वाला एक पारंपरिक भारतीय पेय है। यह गर्म पेय हल्दी के सूजन-रोधी लाभों को काली मिर्च (जो कर्क्यूमिन के अवशोषण को 2000% तक बढ़ाती है) और अन्य उपचारात्मक मसालों के साथ जोड़ता है।

🥄सामग्री

  • 1 कप दूधडेयरी या गैर-डेयरी (नारियल, बादाम)
  • 1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडरया 1 छोटा चम्मच ताजा कसी हुई हल्दी
  • 1/8 छोटा चम्मच काली मिर्चताजा पिसी हुई, अवशोषण के लिए आवश्यक
  • 1/2 छोटा चम्मच ताजा अदरककसा हुआ, या 1/4 छोटा चम्मच सूखा
  • 1/4 छोटा चम्मच दालचीनीपिसी हुई या छोटी छड़ी
  • 1 चुटकी इलायचीपिसी हुई
  • 1/2 छोटा चम्मच घी या नारियल तेलवसा के लिए (कर्क्यूमिन अवशोषण में सहायक)
  • 1 छोटा चम्मच कच्चा शहद या मेपल सिरपवैकल्पिक, स्वादानुसार
  • 1 चुटकी जायफलवैकल्पिक

👩‍🍳निर्देश

1

एक छोटे बर्तन में दूध, हल्दी, अदरक, दालचीनी, इलायची और काली मिर्च मिलाएं।

2

मध्यम आंच पर एक साथ व्हिस्क करें।

3

धीमी उबाल पर लाएं (उबालें नहीं), बीच-बीच में व्हिस्क करते रहें। स्वाद मिलाने के लिए 10 मिनट उबालें।

4

आंच से उतारें। घी या नारियल तेल डालें और जोर से व्हिस्क करें या झाग बनाने के लिए दूध फ्रॉथर का उपयोग करें।

5

पीने के तापमान तक ठंडा होने दें (यदि शहद डाल रहे हैं तो 108°F/42°C से नीचे)।

6

यदि आप मुलायम बनावट पसंद करते हैं तो मग में छान लें, या मसालों के साथ पिएं।

7

स्वादानुसार शहद डालें (आयुर्वेदिक सिद्धांतों के अनुसार शहद को कभी न गर्म करें)।

8

यदि चाहें तो जायफल की एक छोटी चुटकी छिड़कें।

🌿 स्वास्थ्य लाभ

  • शक्तिशाली सूजन-रोधी गुण
  • प्रतिरक्षा और ओजस को बढ़ाता है
  • आरामदायक नींद को बढ़ावा देता है
  • जोड़ों के स्वास्थ्य का समर्थन करता है
  • पाचन में सहायक
  • एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
  • तंत्रिका तंत्र को शांत करता है
  • परंपरागत रूप से सर्दी और फ्लू की रोकथाम के लिए उपयोग किया जाता है
  • यकृत विषहरण का समर्थन करता है
  • त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है

🔄 परिवर्तन आज़माएं

  • वात: पूर्ण वसा वाला गाय का दूध या नारियल का दूध का उपयोग करें, घी और मिठास बढ़ाएं
  • पित्त: बादाम या नारियल का दूध का उपयोग करें, अदरक कम करें या हटाएं, सौंफ डालें, नारियल तेल का उपयोग करें
  • कफ: कम वसा वाला या गैर-डेयरी दूध का उपयोग करें, मिठास कम करें, अदरक और काली मिर्च बढ़ाएं
  • कैफीन-मुक्त लट्टे संस्करण: अतिरिक्त झाग के लिए दूध फ्रॉथर का उपयोग करें

आयुर्वेदिक प्रोफ़ाइल

प्राथमिक दोषवात के लिए सर्वोत्तम
ऋतुशरद, हेमंत, वसंत
वीर्य (शक्ति)उष्ण
गुण
गुरुस्निग्धमृदु
रस (स्वाद)
मधुरकटुतिक्त (हल्दी)

दोष प्रभाव

v
vataसंतुलित

शांत करता है (गर्म, ग्राउंडिंग, पौष्टिक)

p
pittaबढ़ाता है

तटस्थ से थोड़ा बढ़ाने वाला (अदरक कम करें)

k
kaphaबढ़ाता है

बढ़ा सकता है (कम मिठास का उपयोग करें, अधिक गर्म मसाले डालें)