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⚖️त्रिदोषिक
🌸वसंतआसान

लेमन राइस (दक्षिण भारतीय चित्रन्ना)

पाचक मसालों के साथ एक खट्टा, सुगंधित दक्षिण भारतीय चावल का व्यंजन। हल्का, पचाने में आसान और सभी दोषों के लिए उपयुक्त।

समय25 मिनट
परोसें4
स्वस्थ100%

इस व्यंजन के बारे में

लेमन राइस एक मुख्य भोजन है जो दक्षिण भारतीय घरों में पीढ़ियों से बनाया जा रहा है। सादे चावल में हल्के मसाले और काजू मिलाने से इसका पोषण मूल्य और पाचन शक्ति बढ़ जाती है। मसाले - जीरा, हल्दी और राई - पाचन में सहायता करते हैं और पाचन अंगों में रक्त के प्रवाह को बढ़ाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, बासमती चावल सात्विक (शुद्ध) है, तीनों दोषों को संतुलित करता है, शरीर के ऊतकों को पोषण देता है और पचाने में आसान होता है।

🥄सामग्री

  • 2 कप बासमती चावलपके हुए और ठंडे
  • 3 बड़े चम्मच घी
  • 1 चम्मच राई
  • 1/2 चम्मच जीरा
  • 1 बड़ा चम्मच चना दालवैकल्पिक
  • 1 बड़ा चम्मच उड़द दालवैकल्पिक
  • 2 बड़े चम्मच मूंगफली या काजूकच्चे
  • 10-12 पत्ते करी पत्ताताजा
  • 2 पूरी सूखी लाल मिर्चतोड़ी हुई
  • 1/2 चम्मच हल्दी पाउडर
  • 1/4 चम्मच हींग
  • 1 चम्मच ताजा अदरककसा हुआ, वैकल्पिक
  • 2 पूरी हरी मिर्चचीरा लगा हुआ, वैकल्पिक
  • 3-4 बड़े चम्मच ताजा नींबू का रसस्वादानुसार
  • 1 चम्मच नमकस्वादानुसार

👩‍🍳निर्देश

1

बासमती चावल पहले से पका लें और पूरी तरह ठंडा होने दें। ठंडा चावल लेमन राइस के लिए सबसे अच्छा काम करता है।

2

एक बड़े पैन में मध्यम आंच पर घी गर्म करें।

3

राई और जीरा डालें। उन्हें चटकने दें।

4

चना दाल, उड़द दाल (यदि उपयोग कर रहे हों) और मूंगफली या काजू डालें। सुनहरा और कुरकुरा होने तक भूनें।

5

करी पत्ता, सूखी लाल मिर्च, अदरक और हरी मिर्च (यदि उपयोग कर रहे हों) डालें। 30 सेकंड के लिए भूनें।

6

हल्दी पाउडर और हींग डालें। जल्दी मिलाएँ (हल्दी जल्दी जल जाती है)।

7

आंच धीमी करें। ठंडा चावल और नमक डालें। धीरे से लेकिन अच्छी तरह से मिलाएं ताकि चावल हल्दी से समान रूप से पीला हो जाए।

8

आंच बंद कर दें। ताजा नींबू का रस डालें और अच्छी तरह मिलाएँ। नींबू और नमक का स्वाद चखें और समायोजित करें।

9

स्वादों को घुलने-मिलने के लिए इसे 5 मिनट तक रहने दें।

10

गरम या कमरे के तापमान पर परोसें।

🌿 स्वास्थ्य लाभ

  • पचाने में आसान और पेट पर हल्का
  • पाचक मसाले अग्नि का समर्थन करते हैं
  • चावल सात्विक है और सभी दोषों को संतुलित करता है
  • नींबू विटामिन C प्रदान करता है
  • जीरा क्रमाकुंचन (peristalsis) को उत्तेजित करता है
  • हल्दी सूजन रोधी लाभ प्रदान करती है
  • राई पाचन और परिसंचरण में सुधार करती है
  • हल्की सफाई के लिए या भूख कम होने पर उपयुक्त

🔄 परिवर्तन आज़माएं

  • वात: अतिरिक्त घी और काजू डालें, गरमागरम परोसें
  • पित्त: मिर्च कम करें या न डालें
  • कफ: कम घी का उपयोग करें, गर्म मसाले बढ़ाएँ
  • पकी हुई मटर या कटी हुई सब्जियां डालें
  • अतिरिक्त कुरकुरापन और प्रोटीन के लिए भुनी हुई मूंगफली डालें
  • बचे हुए चावल का उपयोग करें (खाने की बर्बादी को कम करने के लिए बढ़िया)

आयुर्वेदिक प्रोफ़ाइल

प्राथमिक दोषत्रिदोषिक
ऋतुसभी मौसम, विशेष रूप से ग्रीष्म ऋतु में ताज़गी देने वाला
वीर्य (शक्ति)तटस्थ से थोड़ा शीतल
गुण
लघुपचाने में आसान
रस (स्वाद)
खट्टालवणकटुतिक्त

दोष प्रभाव

v
vataसंतुलित

शांत करता है (चावल स्थिर करने वाला है, अतिरिक्त घी और काजू डालें)

p
pittaसंतुलित

शांत करता है (ठंडा नींबू, चावल सात्विक है)

k
kaphaतटस्थ

तटस्थ (हल्का और पचाने में आसान, लेकिन कम मात्रा में उपयोग करें)