मसालेदार भुने हुए बादाम (आयुर्वेदिक स्नैक)
गर्म आयुर्वेदिक मसालों के साथ भुने हुए पौष्टिक बादाम। ओजस बनाता है, मस्तिष्क के कार्य का समर्थन करता है, और निरंतर ऊर्जा प्रदान करता है। पाचन शक्ति के लिए पहले भिगोना सबसे अच्छा है।
इस व्यंजन के बारे में
🥄सामग्री
- 2 कप कच्चे बादामरात भर भिगोए हुए, छिलके उतरे हुए
- 2 बड़े चम्मच घी या नारियल तेलपिघला हुआ
- 1/2 चम्मच हल्दी पाउडर
- 1/2 चम्मच जीरा पाउडर
- 1/2 चम्मच धनिया पाउडर
- 1/4 चम्मच इलायची पाउडर
- 1/4 चम्मच दालचीनी पाउडर
- 1/4 चम्मच सोंठ (अदरक पाउडर)
- 1/4 चम्मच काली मिर्चताजी पिसी हुई
- 1/8 चम्मच लाल मिर्च पाउडरवैकल्पिक, स्वादानुसार
- 1/2 चम्मच समुद्री नमकस्वादानुसार
- 1 बड़ा चम्मच मेपल सिरप या शहदमीठे संस्करण के लिए वैकल्पिक
👩🍳निर्देश
बादाम को रात भर (कम से कम 8 घंटे) पानी में भिगोएँ। इससे एंजाइम निकलते हैं और वे पचाने में आसान हो जाते हैं।
बादाम को छान लें और छिलके उतार लें। भिगोने के बाद छिलके आसानी से उतर जाने चाहिए।
बादाम को किचन टॉवल से पूरी तरह सुखा लें।
ओवन को 325°F (165°C) पर प्रीहीट करें। एक बेकिंग शीट पर पार्चमेंट पेपर बिछाएं।
एक कटोरे में सभी मसालों को मिलाएं: हल्दी, जीरा, धनिया, इलायची, दालचीनी, अदरक पाउडर, काली मिर्च, लाल मिर्च (यदि उपयोग कर रहे हों) और नमक।
बादाम को पिघले हुए घी के साथ तब तक मिलाएं जब तक कि वे समान रूप से कोट न हो जाएं।
बादाम में मसाला मिश्रण डालें और अच्छी तरह मिलाएं जब तक कि प्रत्येक बादाम मसालों के साथ कोट न हो जाए।
बादाम को बेकिंग शीट पर एक परत में फैलाएं।
12-15 मिनट के लिए भूनें, बीच में हिलाते रहें, जब तक कि बादाम सुगंधित और हल्के सुनहरे न हो जाएं। जलने से बचाने के लिए सावधानी से देखें।
ओवन से निकालें और बेकिंग शीट पर पूरी तरह ठंडा होने दें। ठंडा होने पर वे कुरकुरे हो जाएंगे।
यदि मीठा संस्करण बना रहे हैं, तो गर्म बादाम को मेपल सिरप या शहद के साथ मिलाएं (शहद केवल बादाम के गुनगुना होने पर ही डालें, गर्म होने पर नहीं)।
🌿 स्वास्थ्य लाभ
- ✓ओजस बनाता है - जीवन शक्ति और प्रतिरक्षा का सार
- ✓मस्तिष्क के कार्य और स्मृति का समर्थन करता है
- ✓सभी ऊतकों (धातुओं) को पोषण देता है
- ✓भावनात्मक संतुलन और स्पष्टता को बढ़ावा देता है
- ✓विटामिन E और स्वस्थ वसा से भरपूर
- ✓हृदय स्वास्थ्य का समर्थन करता है
- ✓निरंतर ऊर्जा प्रदान करता है
- ✓सूजन रोधी मसाले लाभ बढ़ाते हैं
🔄 परिवर्तन आज़माएं
- वात: बिल्कुल सही, दालचीनी और इलायची जैसे मीठे मसाले बढ़ा सकते हैं
- पित्त: अदरक और लाल मिर्च जैसे गर्म मसालों को कम करें या न डालें, इलायची बढ़ाएं, नारियल डालें
- कफ: कम तेल का उपयोग करें, काली मिर्च और अदरक जैसे तीखे मसाले बढ़ाएँ
- केवल दालचीनी और इलायची के साथ मीठा संस्करण बनाएं
- विभिन्न मसाला मिश्रणों का प्रयास करें: गरम मसाला या चाय मसाला मिश्रण
- भूनने से पहले तिल डालें
आयुर्वेदिक प्रोफ़ाइल
दोष प्रभाव
अत्यधिक शांत करता है (स्थिर, पौष्टिक, तैलीय)
तटस्थ से थोड़ा उष्ण (गर्म, भिगोएं और ठंडे मसालों का उपयोग करें)
बढ़ाता है (भारी, तैलीय, कम मात्रा में सेवन करें)