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ग्रीष्म
ग्रीष्म ऋतु
मई - जून
तीव्र गर्मी, शुष्क हवाओं और तेज धूप की ऋतु
ऋतु अवलोकन
प्रमुख दोष
संचय: बाहरी गर्मी के कारण पित्त जमा होता है
प्रकोप: सूखेपन के कारण वात बढ़ सकता है
अवधि
मध्य मई से मध्य जुलाई
विशेषताएं
गर्म, शुष्क, तीव्र गर्मी
शारीरिक परिवर्तन और विशेषताएं
- शरीर की शक्ति में महत्वपूर्ण कमी
- पाचन अग्नि वर्ष की सबसे कमजोर हो जाती है
- निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) की प्रवृत्ति
- हीट स्ट्रोक की संभावना
- पित्त का संचय (मानसून/शरद ऋतु में प्रकुपित होगा)
- त्वचा संवेदनशील हो जाती है
- चिड़चिड़ापन बढ़ना
- भूख कम होना
🍽️आहार संबंधी दिशा-निर्देश
✅ अनुकूल रस (स्वाद)
मधुर (मीठा)तिक्त (कड़वा)कषाय (कसैला)
⚠️ कम करने योग्य रस (स्वाद)
कटु (तीखा)अम्ल (खट्टा)लवण (नमकीन)
🚫 वर्जित भोजन
- गर्म, मसालेदार भोजन
- डीप फ्राइड भोजन
- बहुत नमकीन भोजन
- खट्टे खाद्य पदार्थ (अचार, सिरका, किण्वित)
- शराब
- कॉफी और काली चाय
- लाल मांस
- तिल का तेल (आंतरिक रूप से)
🧘 जीवनशैली अभ्यास
दैनिक चर्या
- • गर्मी बढ़ने से पहले जल्दी उठें
- • ठंडा करने वाले तेलों (नारियल, सूरजमुखी) से मालिश करें
- • ठंडे (बर्फ जैसा ठंडा नहीं) पानी से स्नान करें
- • हल्के, हवादार, सूती कपड़े पहनें
- • दोपहर की गर्मी (सुबह 11 बजे - शाम 4 बजे) के दौरान घर के अंदर रहें
व्यायाम
- • केवल सुबह के ठंडे घंटों के दौरान व्यायाम करें
- • केवल हल्का से मध्यम व्यायाम
- • जोरदार, गर्म करने वाले व्यायाम से बचें
- • तैरना आदर्श है
- • सौम्य योग
📚 मौसमी ज्ञान
ग्रीष्म ऋतु शक्ति बनाए रखने के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण मौसम है। बाहरी गर्मी शरीर के संसाधनों को समाप्त कर देती है और पाचन को कमजोर कर देती है। ऊर्जा का संरक्षण ही कुंजी है। पित्त संचय के बावजूद, पित्त मानसून/शरद ऋतु तक प्रकुपित नहीं होगा जब तक ठंडी बारिश नहीं आती। ठंडा, हाइड्रेटेड और शांत रहने पर ध्यान दें।